रविवार, 12 जुलाई 2026

रावण की तुन्दी में [ गीतिका ]

 226/2026

 

           

©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप


रावण   की तुन्दी में गहरा  बाण लगा है।

कहता देश   ठगों ने सारा   देश  ठगा है।।


मंदिर में  रहने   वालों   ने   सेंध लगाई,

एक-एक शातिर  सोने के साथ पगा है।


नींद नहीं  आती  है उसको  करे रतजगा,

किसको अपना कहे न कोई एक सगा है।


चोर-चोर   मौसेरे    भाई    जीजा-साले,

चाचा संग  भतीजा  करता  संग दगा  है।


थोड़ा  नहीं   करोड़ों  पर  की हाथ सफाई,

ऐयासी   में   जिसका  कुर्ता  पीत रँगा है।


सोना -चाँदी राम-रतन   को जी भर लूटा,

गुबरैला  सोने   का  समझें  मत  भुनगा है।


'शुभम्'  देखना  अभी  शेष है धार तेल की,

हाथी   पूरा बचा   हुआ   है   शुण्ड दिखा है।


शुभमस्तु,


05.07.2026◆12.00मध्याह्न

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