लेखक परिचय


Hindi writer,poet and educator.
   डॉ भगवत स्वरूप "शुभम"
पचास के दशक में ब्रज क्षेत्र के छोटे से गांव में जन्मे डॉ भगवत स्वरूप जी का रुझान बचपन से ही कविता एवं साहित्य में रहा है।इनकी लेखन की यात्रा दस वर्ष की आयु से प्रारंभ हुई जोकि अभी तक जारी है। अभी तक दस पुस्तकें इनकी कलम से प्रकाशित हो चुकी हैं। 2000 कविताएं , तीन उपन्यास , एक कहानी संग्रह , तीन खंड काव्य , एक महाकाव्य लिख चुके हैं।कुछ पुस्तकें अभी प्रकाशन के अधीन हैं। इनकी लेखन शैली में खड़ी बोली के साथ-साथ ब्रज भाषा का भी अलंकृत समिश्रण है।इन्होंने 33 वर्ष तक उच्च शिक्षा के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालयों में हिंदी प्रध्यापक के रूप में सेवा प्रदान की है। लेखन के इस सफर में डॉ भगवत स्वरूप जी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड(UWA), हिंदी सेवी सहस्राब्दी सम्मान , दलित साहित्य अकादमी सम्मान आदि से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा इनका जीवन परिचय भारत की 12 और अमेरिका की एक निर्देशसंहिता में प्रकाशित है।

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