शनिवार, 16 मई 2026

बंदरिया के बच्चे नटखट [ बालगीत ]

 161/2026




©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


बंदरिया     के    बच्चे      नटखट।

करते     ही    रहते   हैं   खटपट।।


धमाचौकड़ी  छत      पर    करते।

नहीं    कभी     गिरने    से  डरते।।

उछलकूद  वे       करते    झटपट।

बंदरिया   के    बच्चे       नटखट।।


नोंच     डालते      फूल     हमारे।

गमलों     में   जो   खिलते  प्यारे।।

ईंट   गिराते      नीचे     भटभट।।

बंदरिया    के     बच्चे     नटखट।।


खुला     रसोईघर    रह    जाता।

बंदर - दल     उतपात   मचाता।।

धूमधड़ाका     करते     फटफट।

बंदरिया  के      बच्चे     नटखट।।


सब्जी  -  एक  न    छोड़ें     केला।

वानर-दल    का    जुटता   मेला।।

खा जाते       फैलाते        चटपट।

बंदरिया    के     बच्चे      नटखट।।


नहीं     सूखने       देते      कपड़े।

कभी  फाड़ते     करते     लफड़े।।

डंडा   देख      भागते      सरपट।

बंदरिया  के      बच्चे     नटखट।।


शुभमस्तु,


11.05.2026◆11.15 आ०मा०

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