शनिवार, 16 मई 2026

जन चरित्र में हो यदि दृढ़ता [ गीतिका ]

 159/2026


  

©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


जन-चरित्र     में    शुभ    दृढ़ता  हो।

मन    में  सबके      नैतिकता      हो।।


राष्ट्रभक्ति    कुछ    सरल   नहीं   है,

जन- जन के  प्रति शुभ   समता हो।


जननायक     से      यही    अपेक्षा,

बिना भेद    ही    तम    हरता हो।


हरा  - भरा    हो       देश     हमारा,

सघन  द्रुमों     के    साथ   लता हो।


नर -नारी     सब     रहें     मेल   से,

सबको  निज     कर्तव्य    पता   हो।


सबका   हो    कल्याण    धरा   पर,

दुष्कर्मों     को    सदा      धता   हो।


'शुभम्' समर्पण   रहे   देश     हित,

नहीं    पड़ोसी    भी    चुभता   हो।


शुभमस्तु,


11.05.2026◆6.30आ०मा०

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