शनिवार, 16 मई 2026

जननायक से यही अपेक्षा [ सजल ]

 158/2026


  

सामांत          : अता

पदांत            : हो

मात्राभार        : 16

मात्रा पतन      : शून्य।


©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


जन  - चरित्र    में     शुभ  दृढ़ता  हो।

मन    में    सबके       नैतिकता    हो।।


राष्ट्रभक्ति    कुछ    सरल   नहीं   है।

जन- जन के  प्रति शुभ समता हो।।


जननायक    से     सुखद   अपेक्षा।

बिना भेद    ही    तम      हरता हो।।


हरा-भरा       हो       देश      हमारा।

सघन  द्रुमों    के    साथ   लता हो।।


नर -नारी     सब    रहें     मेल   से।

सबको  निज     कर्तव्य    पता हो।।


सबका   हो    कल्याण   धरा   पर।

दुष्कर्मों     को    सदा    धता   हो।।


'शुभम्' समर्पण   रहे   देश     हित।

नहीं      पड़ोसी    भी   चुभता   हो।।


शुभमस्तु,


11.05.2026◆6.30आ०मा०

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