100/2026
©शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
लाल गुलाबी
नीले पीले
रंगों का हुड़दंग देखिए।
फागुन आया
समा सुहाया
मन में मस्त तरंग है
नाचें गाएँ
मौज मनाएँ
उठती अंग उमंग है
डफ ढोलक ले
मगन युवा दल
मन में उठी उचंग देखिए।
हाथ पाँव
तन-मन डूबे हैं
उड़ने लगा गुलाल है
कोई भांग
पिए मतवाला
मस्ती का संजाल है
रोली चंदन
मलें भाल पर
हमजोली का संग देखिए।
होली होली
होली होली
गाँव नगर बाजार में
चश्मे लगा
नाचते बालक
फागुन फबी बहार में
उमड़ रहा
तन- मन के भीतर
विचलित वीर अनंग देखिए।
शुभमस्तु ,
03.03.2026◆8.15 आ०मा०
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