109/2026
©शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
भ्रष्टता के सामने
हर नियम
कानून
अनुशासन
प्रबंधन ध्वस्त हैं।
गैस हो
पेट्रोल डीजल
या कि राशन,
जिसकी लाठी
उसकी भैंस।
आदमी के खून की
हर बूँद में हो
भ्रष्टता
क्या कीजिए,
कम नहीं
यह भी कि
जिंदा आप हैं।
न्याय या सच
दिखता नहीं
इस आदमी की
आँख पर बँधी
काली पट्टियाँ।
वक्त सबका
न्याय करता
आईना सच का
दिखाता,
बच सका है
कौन उससे
आज तक।
शुभमस्तु,
16.03.2026◆2.15आ०मा०
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