शनिवार, 30 मई 2026

मिलजुल कर निर्माण करें हम [ सजल ]

 168/2026



समांत          : अना

पदांत            : है

मात्राभार       : 16.

मात्रा पतन     : शून्य


©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


किसने     ऐसा   पुत्र   जना    है।

देशभक्ति    के   लिए    बना   है।।


करना  नहीं  काम    कुछ   ऐसा।

करना  जिसका   किया   मना है।।


मिलजुल कर  निर्माण   करें  हम।

नहीं     फोड़ता    भाड़   चना  है।।


सीमा   पर     रणवीर    खड़े   हैं।

रिपुगण  से  नित   युद्ध  ठना  है।।


अनछाने    वे   रक्त     पी      रहे।

जल पीते     वे    किंतु   छना  है।।


मिला  कदम से कदम   साथियो।

एक साथ  मिलकर   चलना   है।।


'शुभम्' पेड़  बचता तरु वन में।

शिखर  उठाकर   नहीं    तना  है।।


शुभमस्तु,


18.05.2026◆5.00आ०मा०

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