मंगलवार, 1 जून 2021

अजगर काम न करने जाता 🥨 [ बालगीत ]


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✍️ शब्दकार ©

🌳 डॉ. भगवत स्वरूप 'शुभम'

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अजगर  काम न करने जाता।

पड़ा-पड़ा  धरती पर खाता।।


बिना काम  तन मोटा  होता।

खरहे ,चूहे   खाकर   सोता।।

सरक-सरक थोड़ा बढ़ पाता।

अजगर काम न करने जाता।।


सभी   जानते  अजगर भारी।

मोटा   हो    जाना   बीमारी।।

आलसियों से किसका नाता!

अज़गर काम न करने जाता।।


बड़ी  देह   दिमाग़  है  छोटा।

कर्म करे तो   करता  खोटा।।

जैसा   अज़गर   वैसी  माता।

अज़गर काम न करने जाता।।


देख देह   भय   से  डर जाते।

कदम न पास कभी फटकाते।

रूप नहीं अज़गर   का भाता।

अज़गर काम न करने जाता।।


श्रमकर्ता हम सब बन जाएँ।

मानव तन को नहीं लजाएँ।।

'शुभम'जोड़ श्रम से नित नाता।

अज़गर काम न करने जाता।।


🪴शुभमस्तु !


०१.०६.२०२१◆२.०० पतनम मार्तण्डस्य।

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