334/2026
©शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
बड़ी होने से पहले
(कुछ)सीख लूँ
तो बहुत अच्छा हो!
जब तक नहाने
स्नान घर में
मम्मी गई मेरी
बटाऊँ हाथ
कुछ उनका
रसोई में न हो देरी
हाथ-पैरों का क्या
करूँ कुछ काम
तो बहुत अच्छा हो!
आटा रखा
परात में
है गूँथना उसको
लिपट मुख पर
गया मेरे
दिखाना है मुझे किसको
प्रशिक्षण लूँ
अभी से मैं
तो बहुत अच्छा हो!
एक दिन
होऊँ बड़ी
कुछ काम आएगा
बनाऊँगी सुघर रोटी
सभी घर
तृप्ति पाएगा
आ न जाए
अगर मम्मी
तो बहुत अच्छा हो!
शुभमस्तु,
06.10.2026 ● 9.45 आ०मा०
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