बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

लो कर लो बात [ गीतिका ]

 333/2026


           


©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


फिल्टर लगी तस्वीर है, लो कर लो बात।

ये वीरनी  ये   वीर  है,लो  कर  लो बात।।

 

डालडा  है या  रिफाइंडर  से  बनी  बॉडी,

टूटी हुई    तदबीर  है,  लो  कर  लो  बात।


रंग  ये  नकली   उतर  ही   जाएगा   यों,

पार्लर  बनी तक़दीर है,लो कर लो बात।


देखने वर को चले थे  पर 'सुवर' निकला,

असली यही धन धीर है, लो कर लो बात।


आदमी  को  आदमी    देता  रहा  धोखा,

कहते सुपुत्तर  मीर  है,लो  कर  लो बात।


लौह   पर  स्वर्णिम  मुलम्मा चढ़ रहा मोटा,

पानी नहीं सत  क्षीर है, लो  कर   लो बात।


देखे  जमाने  में  'शुभम्'  ने  रंग  दुनिया के,

कितना मनुज अक्सीर है,लो कर लो बात।


शुभमस्तु,


05.10.2026◆ 3.15 प०मा०

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