सोमवार, 27 अप्रैल 2026

पंच चिड़ा की संसद बैठी [ गीत ]

 139/2026


     


©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


पंच चिड़ा की

संसद बैठी

करने नेक विचार।


आया है मधुमास

खिले हैं 

किसलय हरे हजार

बूढ़े तरुवर 

हरियाए हैं

उमड़ रहा है प्यार

जिजीविषा हो

तो ऐसी हो

देख रहा संसार।


जब तक

प्राण रहें किंचित भी

मरे न आशा मित्र

सूखे द्रुमवत

रहो हरे नित

रखना चारु चरित्र

इसी बात का

करने बैठी

संसद आज निवार।


सुख बाँटो

सुख तुम्हें मिलेगा

देना शीतल छाँव

हरियाली से

हरा भरा हो

नगर खेत हर गाँव

जब तक रहे

प्राण इस तन में

कभी न मानें हार।


शुभमस्तु,


21.04.2026◆6.15 आ०मा०

                    ◆◆◆

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