सोमवार, 12 जनवरी 2026

जपें नाम झट राधा-राधा [ गीतिका ]

 017/2026




©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


जपें   नाम    झट    राधा -राधा।

कटें  ओघ    फट   राधा - राधा।।


मिलते  हैं    घनश्याम    वहाँ  पर,

जहाँ भक्त -    रट     राधा -राधा।


एक  नाम     सब      संकटहर्ता,

यमुना  के        तट   राधा -राधा।


कुंज   करील     हरित    आम्राली,

सघन   छाँव   वट      राधा- राधा।


निबटत सकल    जगत की चिंता,

मिटा   सभी      खट    राधा-राधा।


और   किसी    की  क्या   बतलाएँ,

जपे    श्याम      नट    राधा -राधा।


'शुभम्'   सहारा  एक    जगत    में,

मिटते        संकट        राधा- राधा।


शुभमस्तु !


05.01.2026◆3.45आ०मा०

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