सोमवार, 12 जनवरी 2026

रहे केन्द्र पर नित्य डटे [ सजल ]

 027/2026


     

समांत        : अटे

पदांत         : अपदांत

मात्राभार     : 14.

मात्रा पतन   :शून्य.


©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


हे     मानव   तव      मन     उचटे।

रहे       केन्द्र    पर     नित्य    डटे।।


बढ़े    परस्पर         नेह     असीम ।

मेल      एकता    से    न        हटे।।


रीति        सनातन   भंग     न   हो।

उचित  नहीं    मनुजात         खटे।।


जीवन   हो  यह      कर्म    प्रधान ।

रहें      मनुज  से     मनुज     सटे।।


प्रबल   रखें        संकल्प       सभी।

रहें       जगत      में      छटे - छटे।।


एक        रहें        कथनी -  करनी।

पल    भर    को  मन    नहीं  घटे।।


'शुभम्'  अहं     से    जो     है   दूर।

मानवता        से       नहीं      कटे।।


शुभमस्तु !


12.01.2026●10.45आ०मा०

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