मंगलवार, 23 जून 2026

राम को लाने वाले [ अतुकांतिका]

 201/2026


  

©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


राम को लाने वाले ?

राम से बड़े हैं,

इसीलिए  राम पीछे- पीछे हैं

वे राम के आगे खड़े हैं।


राम को लाने वाले ?

राम के भी पहले के हैं

मेरी अगर मानो तो

वे नहले पर दहले हैं।


राम को लाने वाले ?

राम से प्रणाम चाहते हैं

राम के नाम पर 

वोट  माँगते हैं।


राम-दान के गणकों ने

क्या गुल खिला दिया

राम के दाम ने 

क्या- क्या सिला दिया।


राम को लाने वाले ?

क्यों हुए  मौन हैं

डाका डाला है जिन्होंने

बताओ वे कौन हैं।


तुम्हीं  तो राम को लाए थे?

आज राम मंदिर में डाका पड़ा है

हे राम के लाने वाले ?

तू  विस्मित-सा  खड़ा है।


शुभमस्तु,


21.06.2026◆8.00 प०मा०

                  ◆◆◆

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

किनारे पर खड़ा दरख़्त

मेरे सामने नदी बह रही है, बहते -बहते कुछ कह रही है, कभी कलकल कभी हलचल कभी समतल प्रवाह , कभी सूखी हुई आह, नदी में चल रह...