बुधवार, 24 जून 2026

कहाँ गया वह राम चढ़ावा [ गीतिका ]

 206/2026


  


©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


कहाँ   गया    वह   राम    चढ़ावा।

आया    नेंक   न   काम   चढ़ावा।।


दान-पात्र     जो        घेरे      बैठे,

चढ़ा  उन्हीं    के    चाम   चढ़ावा।


जादू     हुआ    कि    टोना   कोई,

गया कहाँ    किस    ठाम  चढ़ावा।


कागा     नहीं    चुगें    अब  दाना,

गढ़ा  किन्हीं    के    धाम  चढ़ावा।


मैंने लिया     न     चोर     बकेगा,

किया     वहीं    विश्राम   चढ़ावा।


बिना     मार    के   भूत  न  बोले,

दिखला   देगा   झाम       चढ़ावा।


'शुभम्'  करें मन   की   सब डाकू,

निकले    निश्चय    दाम  चढ़ावा।


शुभमस्तु,


22.06.2026◆ 8.15 आ०मा

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