शनिवार, 31 जनवरी 2026

गरिमामय गणतंत्र हमारा [ गीतिका ]

 050/2026



©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


गरिमामय          गणतंत्र    हमारा।

बहती     यमुना-सुरसरि      धारा।।


फहराता   है        तरुण     तिरंगा,

सत्यमेव     का      गूँजे       नारा।


हिंदी         हिंदुस्तान         हमारे,

सूत्र      एकता    का   है    प्यारा।


षड्  ऋतुओं    के   रंग     बिखरते,

सूरज     सोम     करें    उजियारा।


डरे      नहीं     हम    संघर्षों     से,

नील    गगन    में   चमके    तारा।


बरसाते   मीठा     जल      बादल,

यद्यपि  जल सागर     का   खारा।


'शुभम्'  कभी   हम   धर्म न त्यागें,

सबने  मिल कर     देश    सँवारा।


शुभमस्तु ,

26.01.2026 ◆4.15 आ०मा०

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