051/2026
© शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
लाल किले पर
फर-फर फहरे
भारत भाग्य तिरंगा।
मान हमारा
शान देश की
हम सब पहरेदार
नहीं झुकेगा
कभी तिरंगा
हमको इससे प्यार
यमुना
ब्रहपुत्र कावेरी
बहें नर्मदा गंगा।
है गणतंत्र
दिवस भारत का
संविधान का दिवस महान
अनुशासन में
बँधे हुए हम
अपना यही अनूप वितान
अन्न दूध
जल से पोषित जन
रहे न कोई नंगा।
केसरिया
बलिदान सिखाए
श्वेत शांति का वाहक
हरियाली
नित ही बिखेरता
हरा धान्य धन ग्राहक
चक्र जागरण
करे अहर्निश
सदा रहे मन चंगा।
शुभमस्तु ,
27.01.2026🇮🇳6.15 आ०मा०
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[6:48 am, 27/1/2026] DR BHAGWAT SWAROOP:
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