बुधवार, 6 दिसंबर 2023

मार्गशीर्ष हेमंत ऋतु ● [ दोहा ]

 522/2023

 

[मार्गशीर्ष,हेमंत,अदरक,चाय,रजाई]

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● ©शब्दकार 

● डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'

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      ●  सब में एक ●

श्रीकृष्ण-प्रिय मास है,मार्गशीर्ष शुभ मीत।

सब  पापों  से मुक्ति  को,गाएँ प्रभु के गीत।।

मार्गशीर्ष  पावन   बड़ा, गीता में   भगवान।

वास   यहीं   मेरा   रहे ,  कहते कृपानिधान।।


ऋतु आई हेमंत की,कार्तिक अगहन   मास।

पावनता इसमें भरी,स्वर्णिम सजल उजास।।

रोचक ऋतु हेमंत की,हिम का होता  अंत।

ग्रीष्म न पावस सोहती,शोभित नहीं  वसंत।।


शीतलता   बढ़ने  लगी, अदरक  लें   भरपूर।

प्रतिरोधक   क्षमता   बढ़े, सूजन मितली  दूर।।

अदरक  का  गुण है यही, रक्त - शर्करा  न्यून।

करता  पाचन ठीक ये, बढ़ती शक्ति  इम्यून।।


चीन   देश  से  विश्व में, फैल गई ये  चाय। 

स्वागत घर - घर चाय  से,उत्तम एक उपाय।।

नींद,दाँत,दिल  की  करे,सदा हानि ये चाय। 

सभी जानते तथ्य ये,फिर भी करें न   बाय।।


हुआ  आगमन शीत का,थर-थर काँपे  गात।

निकल रजाई आ  गई,  देती उसको  मात।।

कठिन  शीत  उपचार का,साधन सुंदर एक।

सभी  रजाई ओढ़ते, बिस्तर में ले    टेक।।


           ● एक में सब ●

मार्गशीर्ष हेमंत ऋतु,ले अदरक की चाय।

ओढ़ रजाई बैठ  जा,कितना श्रेष्ठ    उपाय।।


●शुभमस्तु !


06.12.2023●7.00आ०मा०

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