मंगलवार, 26 दिसंबर 2023

रामनीति से देश सँभालो ● [ गीत ]

 580/2023


●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●

●© शब्दकार

● डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'

●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●

रामनीति से

देश सँभालो

राजनीति क्या चीज?


झूठे वादे

आश्वासन का

समय नहीं अब आज।

भाषण से

प्रसन्न हों जड़मति

बनें न   नेता   बाज।।


जन -जीवन को

जड़ मत समझो

पेड़ लता के बीज।


रामादर्श 

बना कर दर्पण

बतलाएँ  सत   राह।

सेवक हों सब

पवन पुत्र  - से

समझें जन की चाह।।


सुविधाभोगी

क्या कर पाएँ

मैली हो न कमीज।


सेवक समझो

तुम अपने को

जामवंत   हनुमान।

भाव समर्पण 

हो तन मन का

मात्र कर्म पर ध्यान।।


कैसे जनता

के क़ाबिल हों

सीखें सकल तमीज़।


● शुभमस्तु !


26.12.2023●12.45प०मा०

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

किनारे पर खड़ा दरख़्त

मेरे सामने नदी बह रही है, बहते -बहते कुछ कह रही है, कभी कलकल कभी हलचल कभी समतल प्रवाह , कभी सूखी हुई आह, नदी में चल रह...