बुधवार, 24 दिसंबर 2025

समझौता आओ देखें [ नवगीत ]


779/2025


   


©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'



गरम चाय का

दाल मंगौड़े से

समझौता आओ देखें।


किट- किट करके

दाँत बज रहे

पूस माघ के

चादर एक

सफेद ओढ़कर

पास आग के

शीत आग का

शुष्क काठ से

समझौता आओ देखें।


गाजर के

हलवे के सँग में

 हैं लड्डू तिल के

गरम पकौड़ी

बेसन की

पालक से मिल के

स्वाद शीत का

परम प्रीत का

समझौता आओ देखें।


शकरकंद भी

भून अलावों में

महकी हैं

गज़क रेवड़ी

मूँगफली

चटकी चहकी हैं

कंबल और रजाई

स्वेटर शॉल भरकते

समझौता आओ देखें।


शुभमस्तु !


24.12.2025●3.00प०मा०

                  ●●●

[3:38 pm, 24/12/2025] DR  BHAGWAT SWAROOP: 

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