755/2025
©शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
उड़न-कैमरा
सिर के ऊपर
सरर-सरर सर्राए।
कौन खा रहा
कितना क्या-क्या
इस पर नजरें डाले
बड़पेटू
कैसे यों खुलकर
अपनी प्लेट सजा ले
कहता कुछ भी
नहीं किसी से
फर-फर-फर मंडराए।
चौकीदारी
करे बुफ़े की
गतिविधियाँ सब पाया
आया कौन
लिफ़ाफ़ा किसने
दिया न चुप्प सिधाया
जासूसी का
नव रूप आज ये
अपना रंग दिखाए।
बना प्रतिष्ठा का
शुभ सिंबल
झालर वन्दनवार तने
गड़बड़ करे
अगर कोई तो
प्रूफ ड्रोन के सेव बने
डिस्प्ले पर भी
दृश्य देख लो
जो मन चाहे खाए।
शुभमस्तु !
20.12.2025● 12.00मध्याह्न
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