सोमवार, 30 जून 2025

शारदा स्तवन

 321/2025

             

©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


वागेश्वरी              शारदा      माता।

भारत    स्वच्छ   बने  नित ध्याता।।


घर -आँगन    का     कूड़ा- कचरा।

उसे  फेंक   मत    मानव    इतरा।।

मन   से   भी   यदि   बाहर लाता।

भारत  स्वच्छ   बने   नित  ध्याता।।


मातु      शारदे      इसे      बताओ।

करनी    में      परिवर्तन     लाओ।।

तब   हो   स्वच्छ    देश   ये   भ्राता।

भारत स्वच्छ    बने    नित ध्याता।।


करें      आचरण     पावन    अपने।

शेष    न   रहने      पाएँ     सपने।।

मातु    भारती      सन्मति     दाता।

भारत  स्वच्छ   बने   नित  ध्याता।।


जब   चरित्र    हो    पावन   अपना।

नहीं  पड़े    गिरि   वन   में  तपना।।

भरत   भूमि   का    वास   सुहाता।

भारत  स्वच्छ  बने   नित   ध्याता।।


मात -पिता      की    करें   आरती।

ज्ञानदायिनी      सदा        तारती।।

'शुभम्'  यही   शुचि    वंदन   गाता।

भारत  स्वच्छ  बने    नित  ध्याता।।


शुभमस्तु !


30.06.2025●10.30आ०मा०

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