बुधवार, 4 जून 2025

झोंक दिया है भारत रण में [ गीतिका ]

 246/2025



©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


झोंक   दिया   है   भारत    रण   में।

मारेंगे  उस    अरि   को    क्षण  में।।


धर्म     पूछकर    हनता   जन   को,

धर्म   बता हम    मारें      प्रण   में।


क्यों   भूलेंगे      पहलगाम      हम,

चर्चा     यही     रहे   जनगण    में।


अणुबम     की    धमकी   देता   है,

पाक     मिला   देंगे  रज  कण  में।


आँख दिखा   मत   धमकी   मत दे,

दाँव   लगा   दें    तुझको  पण  में।


नहीं   बाप    को   बाप   समझता,

नहीं     बचेगा      बम - वर्षण  में।


'शुभम्'      कटोरा    खाली    तेरा,

झाँक    चेहरा  निज   दर्पण    में।


शुभमस्तु !


02.06.2025●9.00 आ०मा०

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