565/2025
©शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
पुराने अख़बार-सी
खबरें
अनपढ़े रख दीं गईं हैं।
कौन किसके साथ
स्वेच्छा से
पलायन कर चुकी है
सेठ की कुतिया
बड़े से श्वान के सँग
झाड़ियों में छिपी है
मुस्कराते
छवि चित्र में
नेताई जम-सी गई है।
आज सोना फिर
बड़ी लंबी
छलाँगें भर गया है
भाव चाँदी का
कुलाँचें
हिरन जैसी कर गया है
कृषक की सब
सब्जियाँ
अब आसमां में चढ़ गई हैं।
ट्रम्प अब भी
ट्रम्प चालों से
नहीं कम बाज आया
हँस रहा
सारा जमाना
टेरिफों से कुनमुनाया
कौन सी है
ख़बर नूतन
खोजने को बढ़ गई हैं।
शुभमस्तु !
18.09.2025●12.15प०मा०
●●●
[2:02 pm, 18/9/2025] DR BHAGWAT SWAROOP:
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें