579/2025
©शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
पोथियों में
धूल जमीं
ऑन लाइन ज्ञान है।
चूरन और
चटनी में
पोथियाँ रो रहीं
पुड़ियों में
भेलपूरी
अँखियाँ भिगो रहीं
लेपटॉप
मोबाइल
वही ज्ञान-दान है।
भूल गए वर्ण ज्ञान
गिनती न
पहाड़े याद
नाप तौल
कौन पढ़े
गूगल से फरियाद
कंप्यूटर
बाप बना
सत्य अनुमान है।
नोट्स हैं न
नोटबुक
लेखन विदा हुआ
डिजीटल हैं
बैंक मनी
खोद दिया है कुँआ
एंड्रॉइड
तकनीकी
आदमी की बान है।
शुभमस्तु !
24.09.2025●10.45आ०मा०
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