569/2025
©शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
हर साल जलाते
क्यों रावण
यह बतलाओ !
जिस रावण को
अमरत्व दिया
रघुनंदन ने
उस जनक सुता से
पाक हुआ
स्वर्णिम मन ने
पुतला उसका
क्यों जलवाते
यह बतलाओ!
जिनके मन में
रावण बैठा
वे नायक हैं
मारते वही हैं
अग्निबाण
विष -सायक हैं
तुम ही तो
अब के रावण हो
यह बतलाओ!
घर - घर
रावण हैं
सूर्पनखाएँ हैं
गर्जते मेघ-से
मेघनाद
उल्काएँ हैं
देखी निज
ग्रीवा झाँक सत्य
यह बतलाओ।
शुभमस्तु !
20.09.2025●10.45आ०मा०
●●●
[11:51 am, 20/9/2025] DR BHAGWAT SWAROOP:
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें