455/2025
©शब्दकार
डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'
चोर को चोरी करनी हो
डाकू को डालना हो डाका
गबनी को गबन करना हो
भगानी हो प्रेयसी बिना बाधा
सभी को चाहिए सुनहरी मौका।
ये मौका न हरा हो न लाल हो
पीला न नीला न गुलाब हो
चाहे ढूंढ़नी हो अच्छी- सी नौकरी
अथवा विवाहार्थी को छोकरी
सभी को चाहिए सुनहरी मौका।
सुनहरी में ही ऐसी क्या बात है
अन्य किसी रंग में क्या घात है
सभी की एक ही चाहना है
एक सुनहरा-सा मौका माँगना है।
सुनहरी अर्थात सोने के रंग का
सूरज की उगती हुई तरंग - सा
भला हो या कोई बुरा काम हो
सुनहरी मौके का बड़ा नाम हो।
रंगों के जगत में सबने एक ही चुना
अपनी पसंद का रंग सुनहरी बना
अन्य सैकड़ों रंगों का बहिष्कार है
सुनहरे मौके का यह चमत्कार है।
शुभमस्तु !
22.08.2025● 10.00प०मा०
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