मंगलवार, 12 अगस्त 2025

स्वतंत्रता का पर्व [मनहरण घनाक्षरी]

 426/2025


            


©शब्दकार

डॉ.भगवत स्वरूप 'शुभम्'


                           -1-

स्वतंत्रता- पर्व आज,हमें बड़ा गर्व नाज,

त्याग बंधु  काम  काज, फहरता तिरंगा।

वीरों को नमन कर,द्वेष का त्यजन कर,

हृदय में  स्नेह  भर,  अभिषेक  हो गंगा।।

सेना के  कृतज्ञ हम, जपें नहीं नाम कम,

भूल गए  निजी  गम,  मन  हुआ  है चंगा।

केसरिया  बाना धार,  ठानें   हम तकरार,

देश से  है  हमें   प्यार, सद्भक्ति नहीं पंगा ।।


                         -2-

केसरिया   श्वेत  हरा, अंबर  में  है फहरा,

कहते  ये     देश    तरा,  लहराए  तिरंगा।

वीर  बलिदान   हुए, पिया नीर खोद कुँए,

आजाद वायु के पुए,  जनगण   है चंगा।।

फिरंगी  भगाए   गए,  पर्व   मने नए -नए,

छद्म   छल-छन्द ढए, उतकल   या बंगा।

स्वतंत्रता सँजोनी है,अँखियाँ न भिगोनी हैं,

ये  भावना  सलोनी  है, सनान  नेह गंगा।।


                         -3-

आजादी   अमानत    है, धृष्टता खयानत  है,

देश  क्या   अदावत  है, राष्ट्र   को बचाना है।

वीरों ने है त्याग किया,देश के ही  लिए जिया,

अमान-विष   भी    पिया,मान से सजाना है।।

रखना  है  स्वावलंब,भंग हो  अशक्त    खंभ,

त्याग  झूठ  छद्म दंभ,  राह - खड्ड ढाना    है।

जहर    जातिवाद    है,   कहर  वर्णनाद   है,

ऐक्यभाव  प्रसाद है, व्यवहार  नेह लाना है।।


                         -4-

बिलों  में जो सपोले  हैं, बने हुए जो भोले  हैं,

पिटे  तब  कबूले  हैं,   डंसने     को  बैठे    वे।

बदले    हैं   वेश  सब,  जपते   हैं मात्र    रब,

उलटे    हैं   सर्व   ढब , देखो  तो  हैं  ऐंठे    ये।।

सावधान   रहना  है,  अस्त्र- शस्त्र गहना   है,

बंधु      ये   न  बहना    है,  रसगुल्ले   पेठे-से।

मिठाई  में  खटाई  है, है  होनी  ही विदाई   है,

बन   बैठे   जमाई   हैं,  तान  लुंगी लेटे    वे।।


                         -5-

मातृभूमि     है   महान,   हमें  इसका   गुमान,

तना   देश     में     वितान, प्रणिपात  कीजिए।

करें    अपना  कर्तव्य,  सभी नारी-नर   भव्य,

संस्कार से  भी  सुसभ्य,  सदा  साथ  दीजिए।।

बहे  एकता  की  गंग, उच्च निधि की     तरंग,

खिलें     फूल    बहु    रंग,  मित्र   पै पसीजिए।

नहीं  भूखा  और  नंगा, कोई  नारी - नर  भंगा,

रहे   प्राणी    मात्र  चंगा, ज्ञान क्वाथ  पीजिए।।

शुभमस्तु !


12.08.2025● 1.00प०मा०

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